सम्मान समारोह की चर्चा के बीच अवधेश यादव ने उठाया प्रतिभाओं के साथ न्याय और पारदर्शिता का सवाल

मुरलीछपरा। बैरिया तहसील क्षेत्र के दलन छपरा गांव में कुछ दिन पूर्व आयोजित सम्मान समारोह को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। पूर्व प्रधान विद्यासागर यादव द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बालिका खुशबू यादव को सम्मानित किया गया था। इस आयोजन को ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं के सम्मान की सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इसी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश यादव एवं वार्ड नंबर–1 से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी भी मौजूद रहे। मंच से संबोधन करते हुए उन्होंने आज के समय में प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता और प्रतिभाओं के साथ न्याय को लेकर अपनी व्यथा व्यक्त की थी।

अवधेश यादव ने कहा था कि हाल ही में उनके पुत्र ने एक प्रतियोगिता में भाग लिया था, जहां उसे प्रथम स्थान प्राप्त होने पर पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी हुई, लेकिन बाद में उनका कहना है कि यह जानकारी होने पर कि वह समाजवादी पार्टी से जुड़े परिवार का बालक है, कथित तौर पर पुरस्कार की धनराशि रोक दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चा प्रतियोगिता में भाग ले रहा था, उस समय उसकी आयु को लेकर कोई आपत्ति नहीं की गई, तो जीतने के बाद नियमों की दुहाई देना किस प्रकार उचित ठहराया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कम उम्र का बालक अपने से बड़े प्रतिभागियों के बीच प्रथम स्थान अर्जित करता है, तो वह दंड का नहीं बल्कि विशेष सम्मान का अधिकारी है। ऐसे बच्चों को तो और अधिक प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि उनका आत्मविश्वास मजबूत हो।

अवधेश यादव ने मंच से यह भी कहा था कि उन्हें इस बात का विशेष रूप से मनोभाविक कष्ट है कि इस प्रसंग पर क्षेत्र के अन्य नेताओं के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने भी बच्चे का हौसला बढ़ाने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन बच्चों और प्रतिभाओं के प्रश्न पर सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी दल या व्यक्ति के प्रति कटुता व्यक्त करना नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि भविष्य में सभी प्रतियोगिताओं में नियम स्पष्ट हों, प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी बच्चे का मनोबल न टूटे।

“उल्लेखनीय है कि 9 मई को नेहरू युवा केंद्र की ओर से जिला स्तरीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें सुमित यादव ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्जित किया था और मंच से पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की गई थी। बाद में उम्र का हवाला देते हुए पुरस्कार की धनराशि रोक दी गई।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं के सम्मान की संस्कृति को और मजबूत किया जाना चाहिए।
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