रिपोर्ट शशि प्रकाश श्रीवास्तव
भोपाल।
कायस्थम–2026 के अंतर्गत आयोजित भव्य सम्मान समारोह रवीन्द्र भवन स्थित अंजनी सभागार, भोपाल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सनातन सम्राट, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संत महासभा तथा श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के संस्थापक अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को उनके विशिष्ट राष्ट्रवादी, सनातन धर्म-रक्षक एवं समाजसेवी योगदान के लिए “कायस्थ गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री माननीय श्री विश्वास सारंग जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने मंच से परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा कि वे महाराज जी के बताए मार्ग एवं दिशा-निर्देशन में चलकर राष्ट्र व समाजहित में कार्य करेंगे।
इस अवसर पर महर्षि महेश योगी जी के कृपापात्र ब्रह्मचारी गिरिश जी द्वारा विधिवत पटका पहनाकर, माल्यार्पण कर एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर स्वामी जी का अभिनंदन किया गया। ब्रह्मचारी गिरिश जी ने अपने संबोधन में कहा कि महाराज जी की छत्रछाया में समस्त सनातनधर्मी समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करना चाहिए।
अपने संबोधन में परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा—
“महर्षि महेश योगी जी के कृपापात्र ब्रह्मचारी गिरिश जी से मिलकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। आप जिस शांति, सौम्यता और तपस्वी भाव के साथ सनातन धर्म, वैदिक परंपरा एवं राष्ट्र सेवा का निर्वहन कर रहे हैं, वह वास्तव में अतुलनीय है। आप पर महर्षि महेश योगी जी का आशीर्वाद है और वही आशीर्वाद हम सभी पर भी सदैव बना रहेगा।”
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज श्रीराम जन्मभूमि मामले में प्रमुख पक्षकार रहे। सर्वोच्च न्यायालय में उनकी अपील संख्या 2636 रही। उन्होंने अपनी निजी भूमि तक बेचकर राम मंदिर के लिए न्यायिक संघर्ष किया। आतंकवाद के विरुद्ध निर्भीक संघर्ष करते हुए उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की गाड़ी को नीलामी में लेकर सार्वजनिक रूप से नष्ट किया। इस कारण उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए, जिनमें अनेक राष्ट्रविरोधी तत्व गिरफ्तार किए गए।
उन्होंने 1528 में श्रीराम मंदिर ध्वंस के लिए बाबर के वंशजों से संपूर्ण हिंदू समाज के समक्ष लिखित एवं मौखिक रूप से माफी मंगवाकर ऐतिहासिक साहस का परिचय दिया।
समारोह के समापन पर “सनातन धर्म की जय, धर्म की जय, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो” तथा “भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की जय” के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा। हजारों उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का अभिनंदन किया।
परम पूज्य स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने स्वदेश चैनल एवं उपस्थित मीडिया बंधुओं की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि मीडिया सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है।