“मकर संक्रांति पर सेवा महादान का भावुक समापन: मान्धाता सिंह के संकल्प से पिघली ठंड”

रिपोर्ट बसंत कुमार सिन्हा

बलिया।
जब शीतलहर पूरे अंचल को अपनी गिरफ्त में लिए हुए थी और गलन भरी ठंड आम जनजीवन को प्रभावित कर रही थी, उसी समय समाजसेवा की अलख जलाकर प्रमुख समाजसेवी मान्धाता सिंह ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि इरादे नेक हों तो ठंड भी संवेदनाओं को जमा नहीं सकती। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पंचवटी कुटी, रामपुर महावल, 
ग्राम पंचायत विषुकिया अनिल पांडे सामाजिक कार्यकर्ता के दरवाजे पर आयोजित  नौनिहाल बच्चों को ऊनी वस्त्र वितरण कार्यक्रम सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण बन गया।
इस अवसर पर करीब 300 जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए तथा प्रमुख समाज सेवी किशन कुमार राय वह अखबार विक्रेता भृगु पाल जी को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया । जब बच्चों के हाथों में नए स्वेटर आए तो उनके चेहरों पर खिली मुस्कान ने पूरे वातावरण को भावुक कर दिया। यह केवल वस्त्र वितरण नहीं था, बल्कि उम्मीद, आत्मविश्वास और अपनत्व का उपहार था।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अखिलेश राय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को स्वेटर व मिष्ठान्न प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “समाज की असली तस्वीर तब सुंदर बनती है, जब उसके सबसे कमजोर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान हो। मान्धाता सिंह द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान उसी भावना का सशक्त प्रतीक है।”
उल्लेखनीय है कि यह आयोजन किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहा। 4 जनवरी से शुरू हुआ वस्त्र एवं कंबल वितरण महादान कार्यक्रम पूरे 12 दिनों तक चला, जिसका विधिवत समापन 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन हुआ। इन 12 दिनों के दौरान विभिन्न गांवों और जरूरतमंद बस्तियों में जाकर कुल 1300 पुरुषों, 1300 महिलाओं और 1450 बच्चों को कंबल एवं स्वेटर वितरित किए गए। इस प्रकार संपूर्ण अभियान में लगभग 4050 से अधिक जरूरतमंदों को ठंड से राहत पहुंचाई गई।
मान्धाता सिंह ने इस अवसर पर कहा,
“सेवा का असली अर्थ फोटो या प्रचार नहीं, बल्कि किसी अनजान चेहरे पर आई मुस्कान है। जब कोई बच्चा ठंड से कांपने के बजाय सुकून की नींद सो पाए, वही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।”
कार्यक्रम का संचालन मनोहर यादव ने किया। आयोजक अनिल पांडे (पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य) अशोक राम मास्टर अन्य सहयोगी बन्धु पासवान, अमीर हमजा, वीरेंद्र यादव (पूर्व प्रधान) सुखेन राजभर, वसीम अहमद, ओमप्रकाश पांडेय, रंजन गुप्ता, मोतीचंद (माली) आदि उपस्थित रहे।
पूरे अभियान को सफल बनाने में अनेक युवाओं और समाजसेवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से प्रशांत कुमार सिंह, किशन कुमार सिंह, अंकित सिंह एवं शैलेश सिंह ने 12 दिनों तक व्यवस्थाओं की कमान संभाले रखी। सामग्री संग्रह से लेकर वितरण, गांव-गांव संपर्क और जरूरतमंदों की पहचान तक, हर स्तर पर इन सभी की भूमिका प्रशंसनीय रही। उनके समर्पण ने इस सेवा अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया।
पंचवटी कुटी परिसर में समापन के दिन भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। महिलाएं अपने बच्चों को स्वेटर पहनाकर ईश्वर को धन्यवाद देती नजर आईं। बुजुर्गों ने कंबल ओढ़कर आयोजकों को आशीर्वाद दिया। स्वयंसेवकों की आंखों में थकान जरूर थी, लेकिन उससे कहीं ज्यादा संतोष झलक रहा था।
स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के समय में जब सामाजिक संवेदना कमजोर होती जा रही है, ऐसे कार्यक्रम समाज को नई दिशा देते हैं। मान्धाता सिंह का यह 12 दिवसीय अभियान केवल राहत कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का संदेश बन गया है।
समापन अवसर पर सभी सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया और यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में भी इसी तरह निरंतर सेवा कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
मकर संक्रांति जहां सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, वहीं रामपुर महावल में यह दिन मानवता के उजाले का पर्व बन गया। ठंड की इस ऋतु में मान्धाता सिंह का यह महादान आने वाले समय तक लोगों के दिलों में गर्माहट बनाए रखेगा।
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