रिपोर्ट: आतिश उपाध्याय
हल्दी (बलिया)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माल्दह टोला स्थित हल्देश्वर नाथ पुरातन शिव मंदिर से रविवार को भव्य शिव बारात निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
शिव बारात में युवाओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक धार्मिक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सुसज्जित बैलगाड़ी पर विराजमान भगवान शिव-पार्वती के साथ राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, ब्रह्मा, विष्णु, माता सरस्वती और राधा-कृष्ण की झलक ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं भूत-प्रेतों के वेश में सजे कलाकारों ने बारात में रोचकता का रंग भर दिया।
हाथी, घोड़े और ऊंटों के साथ निकली इस बारात में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भागीदारी रही। शिव बारात हल्दी, सुल्तानपुर, नंदपुर सहित आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण बलिया–बैरिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
श्रद्धालुओं के लिए भरसौता प्रधान प्रतिनिधि मनीष सिंह एवं परसिया प्रधान कलटू सिंह के सौजन्य से मिष्ठान और पेयजल की व्यवस्था की गई। इसी क्रम में मुड़ाडीह स्थित मुंडेश्वर महादेव मंदिर से भी शिव बारात की झांकी मनराखन बाबा, गायघाट कुआं नंबर एक और देवी तर बाजार होते हुए वापस लौटी। सीताकुंड और बिगही में भी भव्य शिव बारात निकाली गई।
आयोजकों की देखरेख में विधिवत शिव विवाह संपन्न हुआ तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुरक्षा व्यवस्था में थानाध्यक्ष राजू कुमार राय पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
सोनवानी ढाले के हनुमान मंदिर में संगीतमय हरिकीर्तन
महाशिवरात्रि के अवसर पर हल्दी–सहतवार मार्ग स्थित सोनवानी ढाले के हनुमान मंदिर में रविवार सुबह भव्य संगीतमय 24 घंटे के हरिकीर्तन का शुभारंभ किया गया। कीर्तन प्रारंभ होते ही मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भर गया और पूरा क्षेत्र भक्ति संगीत व जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के व्यवस्थापक सिंह टेंट हाउस के मालिक अनिल सिंह ने बताया कि यह संगीतमय हरिकीर्तन सोमवार सुबह तक अनवरत जारी रहेगा, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कीर्तन में सहभागिता करने पहुंचे।
भक्ति संगीत पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मंदिर समिति के सदस्यों एवं स्थानीय युवाओं ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्रवासियों ने इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने वाला आयोजन बताया।