रिपोर्ट बसंत कुमार सिन्हा
बलिया। विकासखंड बेलहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत रेपुरा में ग्राम प्रधान मोतीलाल चौधरी के नेतृत्व में विकास कार्यों को नई गति मिली है। भेंट वार्ता के दौरान प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय पूर्व से निर्मित हैं, किन्तु पंचायत भवन वर्तमान में जर्जर स्थिति में है। इसके ध्वस्तीकरण हेतु प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा जा चुका है, परंतु आदेश न मिलने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। फिलहाल ग्राम सचिवालय अस्थायी रूप से किराए के भवन में संचालित हो रहा है।
प्रधान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थायी ग्राम सचिवालय भवन होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होते ही नया भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
सड़क और नाली निर्माण में उल्लेखनीय कार्य
ग्राम पंचायत में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। बबन साह के घर से सत्यनारायण साहू तथा सतनारायण दुबे से रविंद्र दुबे के घर तक झीक-झाक ईंट से सड़क निर्माण एवं ढक्कन सहित नाली का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त, गांव की प्रत्येक गली और संपर्क मार्ग को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया है।
विशेष रूप से एक ऐसा मार्ग, जो वर्षों से विवादित था और जिसका निर्माण अत्यंत कठिन माना जा रहा था, उसे आपसी तालमेल और सहयोग से सुलझाकर दोनों ओर साइडवाल जोड़ते हुए 8 फीट चौड़ा रास्ता बनवाया गया। इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल है, क्योंकि इससे कई घरों के बीच आवागमन सुगम हुआ है।
सौहार्दपूर्ण समाधान की पहचान
ग्रामवासियों का कहना है कि प्रधान मोतीलाल चौधरी के कार्यकाल में जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण एवं आपसी सहमति से किया जाता है। चाहे रास्ता हो, नाली हो या अन्य विवादित कार्य—सभी को प्राथमिकता देकर निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया गया है।
अन्नपूर्णा भवन के लिए तत्परता
अन्नपूर्णा भवन के संबंध में प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत में भूमि उपलब्ध है और जैसे ही शासनादेश प्राप्त होगा, तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
अंत में ग्राम प्रधान मोतीलाल चौधरी ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य ग्राम पंचायत के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसी उद्देश्य से वे निरंतर कार्य कर रहे हैं।