रिपोर्ट: पवन कुमार गुप्ता
दुबहड़ (बलिया)। फाल्गुन मास की पावन महाशिवरात्रि पर ग्राम पांडेपुर स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में आयोजित शिव विवाहोत्सव अध्यात्म और लोकसंस्कृति के अद्भुत समन्वय के रूप में संपन्न हुआ। भक्ति के रंग में रंगे इस महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। बाबा भोलेनाथ की अलौकिक बारात में उमड़े जनसैलाब ने महादेव के प्रति अटूट आस्था का परिचय दिया।
मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा जब नगर भ्रमण पर निकली तो वातावरण भक्तिमय हो उठा। छोटका दुबहर, धरनीपुर, घोड़हरा ढाला, अड़रा और जनाड़ी मार्गों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर पालकी का स्वागत किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, शंखनाद और डमरू की गूंज के बीच अबीर-गुलाल लगाए भक्त झूमते नजर आए।
भगवान शिव और माता पार्वती के सजीव स्वरूप में सजे बाल कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। साथ ही श्रीराम-सीता, राधा-कृष्ण और संकटमोचन हनुमान की सजीव झांकियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सुसज्जित पालकी में विराजमान बाबा भोलेनाथ की छवि श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही।
शोभायात्रा के दौरान ग्राम किशुनीपुर स्थित शिव मंदिर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित दुबे के नेतृत्व में शिव बारातियों के लिए मिष्ठान, फल और शरबत की व्यवस्था की गई। समिति सदस्यों ने प्रसाद का वितरण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। क्षेत्र भ्रमण के पश्चात शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर में पहुंची।
इसके बाद विद्वान पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक रीति-विधान से महादेव का रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और धूप-दीप की सुगंध से वातावरण दिव्य हो उठा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन-पूजन किया और लोककल्याण की कामना की।
आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और अखंड आस्था का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय थानाध्यक्ष अजय पाल सहित पुलिस बल एवं उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर बृजेश पांडे, प्रदीप पांडे, ग्राम प्रधान बलदेव गुप्ता, रवीश कुमार सिंह, ओम शंकर पाल, बबलू सिंह, गुरु प्रसाद पांडे, राजधन पांडे, नारायण पांडे, सिंटू पांडे, राजेश पांडे सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।