ग्राम पंचायत भैंसहा में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, भूमि चिन्हांकन न होने से बाधित हो रहे सरकारी निर्माण


बलिया। विकासखंड रेवती अंतर्गत ग्राम पंचायत भैंसहा के ग्राम प्रधान मुन्ना राजभर ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन का निर्माण तो हो चुका है, किंतु वहां तक जाने के लिए मार्ग उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को लिखित सूचना दी जा चुकी है और शीघ्र समाधान की अपेक्षा है।

प्रधान ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाली निर्माण कार्य संपन्न कराया गया है। झरकटहा पीच मार्ग से अनगराहित राजभर के घर तक, लालजी राजभर से राकेश राजभर के घर तक, नंद जी राजभर से नारद पासवान के घर तक, अनगराहित राजभर से झगरू राजभर के घर तक, राधाकृष्ण राजभर से भगेलु राजभर के घर तक तथा रति छपरा पीच मार्ग से त्रिलोकी राजभर के घर तक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है।

इसके अतिरिक्त भैंसहा हरिजन कॉलोनी में राकेश राम से निरहू राम, निरहू राम से जगदीश राम तथा अमर पासवान से गिरिजा लाल पासवान के घर तक इंटरलॉकिंग सड़क बनवाई गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा मिल रही है।
जलनिकासी की समस्या को दूर करने के लिए नंद जी यादव के घर से रामजी यादव के घर तक भूमिगत नाली का निर्माण कराया गया है। वहीं मन जी पासवान के घर से पोखरा तक ढक्कनयुक्त पक्की नाली का निर्माण भी कराया गया है, जिससे जलजमाव की समस्या में राहत मिली है।

ग्राम प्रधान मुन्ना राजभर ने कहा कि पंचायत का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, किंतु लेखपाल द्वारा भूमि का समुचित चिन्हांकन न किए जाने से सरकारी भवनों के निर्माण में बाधा आ रही है। पंचायत क्षेत्र में चार राजस्व गांव होने के बावजूद कोई अतिरिक्त सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत आरआरसी सेंटर का निर्माण भी भूमि अभाव के कारण नहीं हो सका है।

भाजपा कार्यकर्ता शैलेश कुमार पासवान ने बताया कि लगभग छह किलोमीटर क्षेत्र में फैली इस पंचायत में एक भी प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है, जिससे गरीब बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा सुविधा नहीं मिल पा रही है। अन्नपूर्णा भवन का भी अभाव है।

ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पंचायत की जमीन का शीघ्र चिन्हांकन कराते हुए आवश्यक सरकारी भवनों का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

टिप्पणियाँ