जूना अखाड़ा ने स्वामी चक्रपाणि महाराज को बनाया जगद्गुरु शंकराचार्य
वैदिक मंत्रोच्चार, गंगा पूजन और संतों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ भव्य अभिषेक समारोह; नया नाम हुआ स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के अंतर्गत अखिल भारतीय हिंदू महासभा एवं अखिल भारतीय संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज को जूना अखाड़ा द्वारा जगद्गुरु शंकराचार्य के पद पर विधिवत आसीन किया गया। पद ग्रहण करने के साथ ही उनका नया नाम स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज घोषित किया गया।
यह अभिषेक समारोह जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के निर्देशानुसार सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज तथा मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। संतों के सानिध्य में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक की समस्त परंपराएं पूर्ण की गईं।

पंचम गुरु परंपरा के तहत सम्पन्न हुआ अभिषेक

अभिषेक कार्यक्रम पंचम गुरु परंपरा के अनुसार सम्पन्न हुआ, जिसमें विभिन्न संतों ने गुरु की परंपरागत भूमिकाएं निभाईं—

श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने चोटी गुरु के रूप में,

जूना अखाड़ा के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने भगवा गुरु के रूप में,

जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने रुद्राक्ष गुरु के रूप में,

उमाशंकर भारती महाराज ने विभूति गुरु के रूप में,

तथा उपाचार्य कपिल मुनि महाराज (गोकर्ण धाम) ने लंगोटी गुरु के रूप में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।

इस अवसर पर उपस्थित संतों ने इसे सनातन धर्म की परंपरा और अखाड़ा व्यवस्था की गरिमा को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक क्षण बताया।

गंगा पूजन से आरंभ, माया देवी मंदिर में सम्पन्न हुआ अभिषेक

कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्मकुंड घाट पर विधिवत गंगा पूजन से हुई। इसके पश्चात संतों ने भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की। अंततः हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी माया देवी मंदिर में जगद्गुरु शंकराचार्य पद का विधिवत अभिषेक सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

बड़ी संख्या में संत और पदाधिकारी रहे उपस्थित

समारोह में जूना अखाड़ा के महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत शैलेंद्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर कंचन गिरि महाराज, महंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत गिरिशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अभिषेक के उपरांत संतों ने स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज को आशीर्वाद प्रदान किया और आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में सनातन धर्म की परंपराएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा समाज में धार्मिक जागरूकता का विस्तार होगा।
समारोह श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के बीच सम्पन्न हुआ, जिसने धर्मनगरी हरिद्वार में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया।

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