बलिया। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला सहकारी बैंक शाखा बांसडीह में किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड मोहित यादव, जिला सहकारी बैंक बांसडीह के शाखा प्रबंधक मनींदर कुमार, तथा एफएलसीसी डायरेक्टर अनिल कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
एफएलसीसी डायरेक्टर अनिल कुमार शुक्ला ने उपस्थित पदाधिकारियों, सदस्यों एवं किसानों को संबोधित करते हुए वित्तीय लेनदेन में सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन पर आने वाले ओटीपी किसी के साथ साझा न करें, ताकि किसी भी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सके।
डीडीएम नाबार्ड मोहित यादव ने सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन समितियों को सशक्त बनाने और डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने डेयरी उत्पादों के लाभ तथा किसानों की आय बढ़ाने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही डिजिटल बैंकिंग की जानकारी देते हुए बताया कि बैंकिंग से संबंधित किसी समस्या के समाधान हेतु रिज़र्व बैंक के टोल-फ्री नंबर 14448 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक मनींदर कुमार ने सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। एफएलसीसी के प्रतिनिधि नितेश कुमार पाठक ने अपने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान डीडीएम नाबार्ड ने बांसडीह में संचालित सी.पी. कृषक एफपीओ की गतिविधियों से उपस्थित लोगों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का संचालन माँ सुरसरी सेवा संस्थान के सचिव डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने किया।
अंत में सी.पी. कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समिति (एफपीओ) के सचिव अभिषेक सिंह तथा डायरेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़े अनेक किसान उपस्थित रहे।