रोहुआ गांव में कंबल वितरण संग चिंतन गोष्ठी, चार दशकों की निस्वार्थ सेवा के लिए समाजसेवी मान्धाता सिंह की हुई सराहना
रिपोर्ट बसंत कुमार सिन्हा
बलिया। नववर्ष के पावन अवसर पर जनपद के रोहुआ गांव में रविवार को आयोजित कंबल एवं ऊनी वस्त्र वितरण कार्यक्रम केवल राहत कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण पर गंभीर विचार-विमर्श का सशक्त मंच बनकर उभरा। बीते चार दशकों से लगातार समाजसेवा में संलग्न प्रखर समाजसेवी मान्धाता सिंह द्वारा आयोजित इस आयोजन में हजारों गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाव हेतु कंबल व ऊनी वस्त्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान “गांव का विकास, राष्ट्र का विकास” विषय पर आयोजित चिंतन गोष्ठी में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश की वास्तविक प्रगति की नींव गांवों से ही पड़ती है।
मुख्य अतिथि सीएमएस जिला चिकित्सालय, बलिया ने कहा कि गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं ग्रामीण परिवेश से आते हैं और गांव में इस प्रकार के सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणा हैं। मान्धाता सिंह द्वारा गांव में निरंतर किए जा रहे सेवा कार्य एक आदर्श प्रस्तुत करते हैं, जिससे समाज के अन्य लोग भी सीख ले सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि रसड़ा नाथ पंथ के महामंडलेश्वर महंत कौशलेंद्र गिरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकारें जनकल्याण की अनेक योजनाएं चला रही हैं, किंतु समाज के ऐसे सेवाभावी लोग, जो बिना किसी पद, सत्ता या लाभ की अपेक्षा के कार्य करते हैं, वास्तव में समाज की असली पूंजी होते हैं। मान्धाता सिंह की चार दशकों की सेवा भावना सरकारी योजनाओं से कम नहीं, बल्कि उससे भी अधिक प्रेरणादायी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राजधारी ने किसानों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं। यदि किसान कमजोर होंगे तो राष्ट्र की कल्पना भी अधूरी रह जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव और किसान जब तक मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। मांधाता सिंह जैसे समाजसेवी गांवों में रहकर किसानों और गरीबों के बीच जो सेवा कर रहे हैं, वह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है।
चिंतन गोष्ठी के मुख्य वक्ता चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुजीत गुप्ता ने कहा कि आज के स्वार्थप्रधान समय में चार दशकों तक निरंतर निस्वार्थ सेवा करना अत्यंत दुर्लभ और अनुकरणीय है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ऐसे समाजसेवियों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं।
गोष्ठी के दौरान शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त किए बिना विकास का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी मान्धाता सिंह द्वारा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिसकर्मियों एवं पत्रकारों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सम्मानित पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और समाज में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की गई। वहीं पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान समाज में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, बरहज नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर सिंह, भोला सिंह, सुरेश सिंह, संतोष सिंह, किशन सिंह, अंकित सिंह, सनोज सिंह, दानी राजभर, सुमेर राजभर विवेक सिंह, रोहित सिंह, प्रशान्त सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन शैलेंद्र यादव ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने समाजसेवी मान्धाता सिंह के दीर्घकालिक सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घ और सक्रिय जीवन की कामना की तथा उनके प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।