रिपोर्ट : बसंत सिन्हा
(बलिया)। नववर्ष के पावन अवसर पर जनसेवा और राष्ट्रचिंतन की भावना को साकार करते हुए समाजसेवा के क्षेत्र में बीते चार दशकों से सतत सक्रिय आर.के.मान्धाता सिंह एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। विशाल दान महाअभियान के अंतर्गत कंबल एवं ऊनी वस्त्र वितरण सम्मान समारोह तथा राष्ट्रीय चिंतन गोष्ठी का आयोजन 4 जनवरी 2026 को बलिया में किया जाएगा।
“गांव का विकास—राष्ट्र का विकास, गांव की खुशहाली—राष्ट्र की खुशहाली” के मूल मंत्र को आत्मसात किए हुए यह आयोजन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत और सम्मान पहुंचाने का संकल्प है। कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को कंबल व ऊनी वस्त्र देकर जहां ठिठुरती जिंदगियों को सुकून मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय चिंतन गोष्ठी के माध्यम से गांव-केंद्रित विकास पर सार्थक संवाद होगा।
श्री मान्धाता सिंह—जिन्होंने पूर्व सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड बलिया के रूप में संवेदनशील दायित्व निभाया है और वर्तमान में राष्ट्रीय संयोजक, राष्ट्र भक्त संघ के रूप में राष्ट्रसेवा में जुटे हैं—मानव सेवा को अपना धर्म मानते हैं। गरीब, असहाय और वंचितों के लिए उनकी निरंतर सक्रियता उन्हें समाज का सच्चा प्रहरी बनाती है। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल राहत पहुंचाएगा, बल्कि सेवा, समरसता और स्वाभिमान का संदेश भी देगा।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की है, ताकि यह सेवा-यज्ञ और भी व्यापक रूप ले सके। नववर्ष पर मानवता के नाम यह पहल—सेवा का उजास, विचार की दिशा और विकास का संकल्प—निश्चित ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।