रिपोर्ट. शशि प्रकाश श्रीवास्तव (सहा. संपादक)
नई दिल्ली । भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और राष्ट्रधर्म के सम्मान का ऐसा अद्भुत दृश्य शायद ही कभी दुनिया ने देखा हो। ब्रिटेन की संसद—हाउस ऑफ़ कॉमन्स और हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स—में परम पूज्य सनातन सम्राट, अखिल भारत हिंदू महासभा एवं संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को जिस गरिमा, भव्यता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के साथ सम्मानित किया गया, वह पूरे भारत और वैश्विक सनातन समाज के लिए अपार गर्व का क्षण है।
हाउस ऑफ़ कॉमन्स में “इग्ज़ेम्प्लरी लीडरशिप अवार्ड” — सभागार तालियों से गूंज उठा
हाउस ऑफ़ कॉमन्स के कमिटी रूम 14 में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्क्लेव 2025 में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को वैश्विक नेतृत्व, आध्यात्मिक योगदान और विश्व-शांति में अमूल्य भूमिका के लिए प्रतिष्ठित “इग्ज़ेम्प्लरी लीडरशिप अवार्ड” प्रदान किया गया।
यह सम्मान ब्रिटेन के सांसद—जैक, सुहेल शेख, वीरेंद्र शर्मा, हैरो की मेयर अंजना, और वर्ल्ड लीडरशिप फोरम के संस्थापक नचिकेत जोशी द्वारा भव्य समारोह में प्रदान किया गया। क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से भरे सभागार में सम्मान ग्रहण करते ही लंबे समय तक खड़े होकर तालियों से स्वागत—यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक महिमा का विश्व मंच पर अद्वितीय उदाहरण बन गया।
हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में विशेष ‘आफ्टरनून हाई-टी’— ब्रिटेन की सर्वोच्च संसदीय परंपरा का आदरसम्मान
सम्मान समारोह के बाद ब्रिटेन की राज्यसभा—हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित चोलमण्डेली रूम एंड टैरेस में लॉर्ड सहोता द्वारा स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के सम्मान में विशेष ‘आफ्टरनून हाई-टी रिसेप्शन’ आयोजित किया गया। ब्रिटेन की संसदीय परंपरा में यह स्वागत केवल अत्यंत विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय व्यक्तित्वों को दिया जाता है। इस कार्यक्रम में महाराज जी के आगमन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक तेज से आलोकित हो उठा।
राष्ट्रधर्म का प्रेरक इतिहास— विश्व मंच पर सराहे गए महाराज जी के योगदान
अंतरराष्ट्रीय मंच पर महाराज जी के निम्नलिखित साहसिक कार्यों और राष्ट्र हित में किए गए निर्णायक संघर्षों का विशेष उल्लेख किया गया— श्री राम जन्मभूमि मामले में सर्वोच्च न्यायालय में प्रमुख पक्षकार, वैश्विक आतंकी दाऊद इब्राहिम के आतंक के अंत का साहसिक अभियान दाऊद की कार नीलामी में लेकर जलाना उसके घर को शौचालय बनवाना, भारत को भयमुक्त करने का संकल्प
धर्मरक्षा, जनसेवा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अहर्निश योगदान महाराज जी के इन कार्यों ने उन्हें भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर एक साहसी, निष्कपट और राष्ट्रनिष्ठ आध्यात्मिक नेतृत्व के प्रतीक के रूप में स्थापित किया है।
स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का प्रेरक वक्तव्य—
भारत की आध्यात्मिक शक्ति विश्व का मार्गदर्शन करेगी सभागार को संबोधित करते हुए महाराज जी ने कहा—
“भारत जब विश्वगुरु के पथ पर अग्रसर है, तब ब्रिटेन की प्रशासनिक दक्षता और भारत का आध्यात्मिक तेज मिलकर विश्व को शांति और समृद्धि का नया मार्ग देंगे।”
उन्होंने आगे कहा— “योग, ध्यान और आत्मानुशासन—यही मन की स्थिरता और विश्व-सेवा का आधार हैं।” विश्व के लिए उनका संदेश गूंज उठा—
“बहुत जल्द सनातन का ध्वज पूरे विश्व में लहराएगा। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’—पूरी पृथ्वी एक परिवार बनेगी।”
दुनिया भर से बधाइयाँ— सनातन समाज के लिए गौरव का महापर्व
महाराज जी के सम्मान की खबर मिलते ही भारत, अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया, मध्य-पूर्व और ऑस्ट्रेलिया से लगातार फोन, संदेश, ईमेल और वीडियो कॉल की बाढ़ आ गई।
सैकड़ों संस्था प्रमुख, संत-महात्मा, भारतीय समुदाय और दुनियाभर के आध्यात्मिक नेता अपनी बधाइयाँ और आशीर्वाद देने में जुटे हैं।
भारत का परचम विश्व संसद में— सनातन का स्वर्णिम अध्याय
हाउस ऑफ़ कॉमन्स और हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का सम्मान
भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता और विश्व-शांति के मार्गदर्शन का उज्ज्वल प्रमाण है। आज ब्रिटेन की संसद में जो गूंज सुनाई दी,
वह केवल एक संत का सम्मान नहीं—बल्कि भारत की ऋषि-परंपरा, तप, त्याग और सनातन संस्कृति की दिव्य विजय-घोषणा है।