बलिया, 24 फरवरी 2026। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी ने प्रभारी जिलाधिकारी के रूप में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित किया जाए तथा जननी सुरक्षा योजना (JSY) के अंतर्गत लाभार्थियों का भुगतान समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए छूटे हुए बच्चों की पहचान कर विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाए जाएं, ताकि कोई भी लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) मामलों की सघन निगरानी करने को कहा गया। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
‘कायाकल्प’ योजना के तहत अस्पतालों में साफ-सफाई के मानकों का कड़ाई से पालन करने, मरीजों के लिए स्वच्छ पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम के कार्यों की समीक्षा करते हुए खराब प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए।
आगामी मौसम को देखते हुए डेंगू व मलेरिया जैसे संचारी रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव की समुचित कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। हेल्थ डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग वाले ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए एक सप्ताह के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के अंत में प्रभारी जिलाधिकारी ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ मानवीय और संवेदनशील व्यवहार करने तथा दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश दिए।