बलिया में विकास योजनाओं पर मंथन, सांसद की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक
58 बिंदुओं पर हुई समीक्षा, सड़कों व विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

बलिया में प्रतिदिन 100 टन कचरे के निस्तारण पर मंथन, जमीन खरीदने पर हुई चर्चा

बाढ़ प्रभावितों को आवास, सड़कों की मरम्मत, बस सेवा बढ़ाने व मेडिकल कॉलेज निर्माण पर चर्चा

बलिया। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शुक्रवार को विकास भवन सभागार में सांसद सलेमपुर रमाशंकर राजभर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद सनातन पाण्डेय तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। बैठक में कुल 58 बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एनएच-31 से टुटवारी, बघौना और दुलारपुर गांव को जाने वाली जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया गया। वहीं दयाछपरा चट्टी से भुवालछपरा होते हुए नौरंगा तक सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। एनएच-31 पर लगने वाले जाम की समस्या के निस्तारण के लिए भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।
बैठक में मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के तहत सभी ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित कराने तथा उनकी सूची बलिया एनआईसी पोर्टल पर अपलोड कराने को कहा गया।
जिले में पूर्व से स्थापित दुग्ध उत्पादन इकाइयों को पुनः शुरू कराने पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कर पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में सिकंदरपुर मंडी की खराब सड़क की मरम्मत तथा बैरिया में निर्मित मंडी का उद्घाटन कराने का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि मोथा तूफान से बैरिया क्षेत्र के किसानों की फसल को हुए नुकसान की भरपाई की राशि उनके खातों में भेज दी गई है।
अटल शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 के अंतर्गत बलिया शहर में प्रतिदिन लगभग 100 टन कचरा एकत्रित होने की समस्या पर भी चर्चा हुई। इसके निस्तारण के लिए जमीन खरीदने या किराए पर लेने के विकल्प पर विचार किया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को चेयरमैन से समन्वय कर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। बताया गया कि निर्माण एजेंसी लखनऊ से नामित हो चुकी है तथा डीपीआर इसी माह आने के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। साथ ही जिला कारागार को तोड़कर नए निर्माण की योजना पर भी विचार किया गया, जिसके लिए डीपीआर आने के बाद कार्य शुरू होगा।
बैठक में जनपद से लखनऊ जाने वाली बसों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा भी उठा। वर्तमान में रात 8 बजे केवल एक बस संचालित होने की जानकारी पर परिवहन मंत्री ने रात लगभग 11 बजे एक और बस चलाने की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए शहर के बाहर बाईपास बनाने का सुझाव भी रखा गया, जो रसड़ा, बक्सर और गड़वार मार्गों को जोड़ सके। जिलाधिकारी ने बताया कि इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
बैठक में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद सनातन पाण्डेय, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, विधायक संग्राम सिंह (फेफना), जयप्रकाश अंचल (बैरिया), हंसूराम (बेल्थरारोड), जियाउद्दीन रिजवी (सिकंदरपुर) सहित नगर पालिका चेयरमैन संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल, रविशंकर उर्फ पप्पू तथा समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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